Airtel wants to increase data prices to rs. 100 per GB, Sunil Mittal asks subscribers to ‘prepare to pay a lot more’ | 1GB डाटा के लिए ग्राहकों से 100 रुपए लेना चाहती है एयरटेल, कंपनी के चेयरमैन सुनील मित्तल ने बताई इसकी वजह

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नई दिल्लीfour घंटे पहले

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मित्तल ने कहा कि इतनी कीमत में यूजर 1.6GB इंटरनेट डाटा का इस्तेमाल करें, या फिर डाटा के कीमतें बढ़ने के लिए तैयार रहें

  • 2015 के बाद से प्रति जीबी इंटरनेट डाटा की कीमतें लगातार घट रही हैं
  • 2014 में 1GB डाटा की कीमत 268.97 रुपए थी, जो 2020 में 6.20 रुपए हो गई

भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल के बयान को सुनकर एयरटेल यूजर्स मायूस हो सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि अगले 6 महीने में मोबाइल डाटा की कीमतों को बढ़ाया जा सकता है।

भारती एंटरप्राइजेज के कार्यकारी अखिल गुप्ता के बुक लॉन्चिंग इवेंट में सुनील मित्तल ने कहा, “कम कीमत पर इंटरनेट उपलब्ध कराना दूरसंचार उद्योग के लिए लंबे समय तक व्यवहारिक नहीं है। अभी 160 रुपए प्रति महीने 16GB इंटरनेट डाटा इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में आप हर महीने 1GB डाटा के लिए 45 रुपए का पेमेंट करते हैं, तो आपका बिल जल्द ही दोगुने से अधिक 100 रुपए प्रति माह हो सकता है।”

मौजूदा कीमत में 1.6GB ही मिलना चाहिए
इवेंट में मित्तल ने कहा कि इतनी कीमत में यूजर 1.6GB इंटरनेट डाटा का इस्तेमाल करें, या फिर डाटा के कीमतें बढ़ने के लिए तैयार रहें। हम नहीं चाहते कि आपको अमेरिका या यूरोप की तरह 50 से 60 डॉलर (3750 से 4500 रुपए) खर्च करने पड़ें, लेकिन एक महीने में 2 डॉलर (करीब 160 रुपए) में 16GB डाटा टेलीकॉम इंडस्ट्रीज के लिए सही नहीं है।

मित्तल ने आगे कहा कि डिजिटल सामग्री के उपभोग पर अगले छह महीने में प्रति उपयोक्ता औसत आय 200 रुपए पार कर जाने का अनुमान है। हमें 300 रुपए एआरपीयू की जरूरत है, इस व्यवस्था में ग्राहकों को हर महीने 100 रुपए में लिमिटेड डाटा मिलेगा। यदि ग्राहक ज्यादातर वक्त टीवी, फिल्म, एंटरटेनमेंट और दूसरी जगहों पर खर्च कर रहे हैं, तब उन्हें ज्यादा पेमेंट करना होगा। एयरटेल के तिमाही परिणामों के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में उसका ARPU बढ़कर 157 रुपए हो गया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे उद्योग दूरसंचार सेक्टर में नहीं है उन्हें भी डिजिटल होने की जरूरत है। ऐसे में अगले five से 6 महीने में एआरपीयू बढ़ना चाहिए, ताकि टेलीकॉम इंडस्ट्रीज व्यवहारिक बनी रहे। अब इस क्षेत्र में दो-तीन कंपनियां ही बची हैं। अगले 6 महीने में हम 200 रुपए एआरपीयू के स्तर को निश्चित तौर पर पार कर लेंगे।

इंटरनेट डाटा की कीमतें इस तरह घटती गईं

साल 1GB डाटा की कीमत
2014 268.97 रुपए
2015 226.30 रुपए
2016 75.57 रुपए
2017 19.35 रुपए
2018 11.78 रुपए
2020 6.20 रुपए

इन five देशों में सबसे सस्ता और महंगा मोबाइल डाटा

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