वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सूची में शामिल हुए दो भारतीय स्टार्टअप ‘स्टेलऐप्स’ और ‘जेस्टमनी’; गूगल, ट्विटर और एयरबीएनबी भी पहले इस लिस्ट में रह चुके हैं

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  • WEF ने कहा कि चुने गए 100 फर्मों में से एक-चौथाई महिला-नेतृत्व वाली हैं
  • नई टेक्नोलॉजी कंपनियां समाज में सुधार कर दुनियाभर में अपने उद्योगों को आगे बढ़ा रही हैं

दैनिक भास्कर

Jun 17, 2020, 01:33 PM IST

नई दिल्ली. मंगलवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने 2020 के 100 टेक्नोलॉजी कंपनियों की लिस्ट जारी की जिसमें दो भारतीय स्टार्टअप कंपनियां ‘स्टेलऐप्स’ और ‘जेस्टमनी’ भी अपनी जगह बनाने में कामयाब रहीं। इससे पहले गूगल, एयरबीएनबी, किकस्टार्टर, मोजिला, स्पॉटिफाई, ट्विटर और विकीमीडिया जैसी कंपनियां भी इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा रह चुकी हैं।

100 संस्थाओं की सूची तैयार करता है वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम

  • वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 100 संस्थाओं की सूची तैयार करता है जो अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ वैश्विक मुद्दों को संबोधित करते हैं। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि चुने गए 100 फर्मों में से एक-चौथाई महिला-नेतृत्व वाली हैं। ये कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर कार्बन कैप्चर तक जलवायु की रक्षा के लिए इनोवेशन का उपयोग कर रही हैं, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर रही हैं और समाज को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने में मदद कर रही हैं।
  • WEF के बयान में कहा कि इस कम्युनिटी में शामिल होने से टेक्नोलॉजी कंपनियां दो साल की यात्रा शुरू करते हैं, जहां वे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की पहल, एक्टिविटीज और इवेंट्स का हिस्सा बनते हैं और महत्वपूर्ण वैश्विक चर्चाओं पर अत्याधुनिक दृष्टिकोण और नई सोच लाते हैं।

जेस्टमनी

  • पांच साल पुराने स्टार्टअप जेस्टमनी की स्थापना लिजी चैपमन, प्रिया शर्मा और आशीष अनंथरमण ने की थी। यह स्टार्टअप कंज्यूमर को उधार प्रदान करता है। स्टार्टअप का लक्ष्य ऐसे यूजर्स को सक्षम बनाना है जिनके पास अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री न होने के कारण क्रेडिट कार्ड या किसी अन्य फॉर्मल फाइनेंसिंग ऑप्शन तक उनकी पहुंच नहीं है।
  • चैपमन ने कहा – “इस लिस्ट में हमे स्थान मिलना यह पुष्टि करता है कि हमने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके जो प्लेटफार्म तैयार किया है, वह दुनिया में सबसे अनूठा है और लाखों लोगों के लिए जीवन में सुधार कर सकता है। बतौर जेस्टमनी, हम मानते हैं कि हर कोई एक बेहतर जीवन का हकदार है और उन्हें सस्ती और सुलभ क्रेडिट प्रदान  करके हम उन्हें उस जीवन को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बना सकते हैं ।”
  • इसके साथ, चैपमन और जेस्टमनी दो साल के लिए WEF की पहलों में योगदान देंगे और प्रमुख मुद्दों के साथ पॉलिसी मेकर्स और प्राइवेट सेक्टर्स के लीडर्स के साथ काम करेंगे। जेस्टमनी में गोल्डमैन सैक्स, रिबबिट कैपिटल, शाओमी, नैसपर्स फिनटेक और ओमिडयार नेटवर्क जैसे प्रमुख निवेशकों द्वारा निवेश किया गया है। दिसंबर 2019 तक जेस्टमनी के 3000 मर्चेंट और 60 लाख उपयोगकर्ता थे।

स्टेलऐप्स

  • WEF लिस्ट में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बेंगलुरु स्थित मिल्क टेक स्टार्टअप स्टेलऐप्स है। स्टेलऐप्स एक डेटा ड्रिवन, IoT बेस्ड, फार्म-टू-कंज्यूमर डेयरी सप्लाई चेन स्टार्टअप है।
  • स्टेलऐप्स को 2011 में स्थापित किया गया था। यह फार्म-टू-कंज्यूमर चेन को डिजिटाइज़ करता है और अपने एडवांस्ड एनालिटिक्स के माध्यम से डेयरी इकोसिस्टम पार्टनरशिप को सक्षम करने के लिए फुल-स्टैक IoT प्लेटफ़ॉर्म को एआई तकनीक की मदद से चलाता है।
  • यह प्लेटफार्म छोटे डेयरी किसानों को डिजिटल भुगतान और आसान लोन और बीमा की सुविधा भी देता है। कंपनी वर्तमान में हर रोज 34 लाख डॉलर के 90 लाख लीटर दूध का डिजिटलीकरण करता है। इससे सीधे तौर पर 28,000 से अधिक गांवों के 20 लाख डेयरी किसानों को प्रभाव पड़ता है।
  • स्टेलऐप्स के सीईओ रंजीथ मुकुंदन ने कहा- “लाखों छोटे किसानों के जीवन पर पड़े प्रभाव को हम अपनी ग्रोथ मानते हैं। यह हमारी टेक्नोलॉजी की यूनिकनेस है जो भारतीय डेयरी सेक्टर की प्रोडक्टिविटी, प्रॉफिट, दूध की गुणवत्ता और आधारशिला को स्थिरता के साथ नई दिशा की ओर ले जाने की इसकी क्षमता को दर्शाता है।
  • मुकुंदन को आईटी सेक्टर में 24 साल का अनुभव है और इससे पहले विप्रो के टेलीकॉम वैल्यू एडेड सर्विस प्रैक्टिस के ग्लोबल हेड रह चुके हैं।

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