पेटीएम का आरोप, भारत के डिजिटल इकोसिस्टम पर हावी होना चाहती है विदेशी कंपनी ‘गूगल’

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नई दिल्लीeight घंटे पहले

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पेटीएम ने बताया कि भारत में लीगल होने के बावजूद भी ‘गूगल’ ने उसे कैशबैक का ऑफर हटाने के लिए मजबूर किया।

  • गूगल के पास एंड्रॉयड है, जिस पर भारत में 95 फीसदी से अधिक स्मार्टफोन चलते हैं
  • ‘गूगल प्ले स्टोर’ की पॉलिसी भी भेदभाव वाली हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से डिजिटल मार्केट में गूगल को हावी होने के लिए बनाई गई हैं।

डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम (Paytm) ने गूगल पर बड़ा आरोप लगाया है। रविवार को कंपनी ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि गूगल(Google) भारत की डिजिटल इकोसिस्टम पर हावी होना चाहती है। कंपनी ने बताया कि भारत में लीगल होने के बावजूद भी गूगल ने उसे कैशबैक का ऑफर हटाने के लिए मजबूर किया। जबकि गूगल की पेमेंट सर्विस फीचर ‘गूगल पे’ खुद ही इस तरह की ऑफर्स देती है।

पेटीएम का आरोप

पेटीएम ने कहा कि यह पहली बार हुआ है, जब गूगल ने यूपीआई (UPI) कैशबैक और स्क्रैच कार्ड कैंपेन से संबंधित नोटिफिकेशन भेजा था और हमें इस मामले पर अपना पक्ष रखने का भी मौका नहीं दिया गया, जबकि गूगल भी भारत मे इसी प्रकार के ऑफर्स कैंपेन को चला रही है।

पेटीएम ने बताया कि भारत में दोनों (कैशबैक व स्क्रैच कार्ड) ही ऑफर्स लीगल हैं और सरकार के सभी नियमों व कानूनों का पालन करते हुए कैशबैक की सुविधा दी जा रही है। पेटीएम ने कहा कि गूगल के पास एंड्रॉयड है, जो एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। इस पर भारत में 95 फीसदी से अधिक स्मार्टफोन चलते हैं। गूगल ऐप प्ले स्टोर की पॉलिसी भी भेदभाव वाली हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से डिजिटल मार्केट में गूगल को हावी होने के लिए बनाई गई हैं।

गूगल की सफाई

दूसरी ओर गूगल ने पेटीएम को बैन किए जाने के मामले पर कहा था कि प्ले स्टोर फैंटेसी क्रिकेट, ऑनलाइन कसीनो और दूसरे गैंबलिंग ऐप को भारत में इजाजत नहीं देता है। अगर कोई ऐसा करता है तो यह पॉलिसी का वॉयलेशन है और पेटीएम पर भी इसी के तहत कार्रवाई की गई थी।

इस पर कंपनी की प्रोडक्ट, एंड्रॉयड सिक्योरिटी और प्राइवेसी की वाइस प्रेसीडेंट सुजैन फ्रे ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि जब कोई ऐप पॉलिसीज का उल्लंघन करती हैं तो हम डेवलपर को इसकी जानकारी देते हैं। जब तक डेवलपर पॉलिसी के अनुसार बदलाव करता है, तब तक ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया जाता है। दूसरी ओर कंपनी ने रविवार को अपने ब्लॉग पोस्ट में स्पष्ट किया कि पेटीएम के कैशबैक और स्टीकर्स ऑफर्स पॉलिसी के खिलाफ नहीं है, लेकिन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म द्वारा इसे तोड़ा गया है।

क्या है विवाद ?

यूएई में 19 सितंबर से आईपीएल शुरु हो चुका है। इस दौरान तमाम कंपनियां कैशबैक और अन्य आकर्षक ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को एंटरटेन कर रही हैं। ऐसे पेटीएम ने भी 11 सितंबर को यूपीआई कैशबैक कैंपेन लॉन्च किया था, लेकिन 18 सितंबर को गूगल ने कंपनी को बिना किसी सुचना के अपने ऐप गूगल प्ले स्टोर हटा कुछ घंटों के लिए हटा दिया था। हालांकि क्रिकेट सेजुड़े एक फीचर से कैशबैक की सुविधा को हटाने के बाद पेटीएम एप दोबारा गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हो गया था।

पेटीएम ऑफर्स

बता दें कि पेटीएम देश के बड़े स्टार्टअप्स में से एक है। गूगल के पेमेंट प्लेटफॉर्म गूगल-पे (Google Pay) से भी पेटीएम का सीधा मुकाबला है। 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष 2019-20 में पेटीएम का रेवेन्यू बढ़कर three हजार 629 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पेटीएम फर्स्ट गेम्स की वेबसाइट पर मौजूद एफएक्यू (F&Q) पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, पेटीएम फर्स्ट गेम्स पर प्लेयर्स स्पेशल टूर्नामेंट में five करोड़ रुपए तक का पेटीएम कैश जीत सकते हैं।

पेटीएम फर्स्ट गेम्स की वेबसाइट के मुताबिक, पेटीएम फर्स्ट गेम्स पर प्लेयर्स स्पेशल टूर्नामेंट में 5 करोड़ रुपए तक का पेटीएम कैश जीत सकते हैं।

पेटीएम फर्स्ट गेम्स की वेबसाइट के मुताबिक, पेटीएम फर्स्ट गेम्स पर प्लेयर्स स्पेशल टूर्नामेंट में five करोड़ रुपए तक का पेटीएम कैश जीत सकते हैं।

इसके अलावा प्लेयर्स के लिए अन्य कैश प्राइज भी हैं। इस प्लेटफॉर्म पर रमी, फैंटेसी, लूडो और अन्य प्रकार के मल्टी प्लेयर गेम खेले जा सकते हैं। वेबसाइट के मुताबिक, प्लेयर एक्सक्लूसिव टूर्नामेंट में रोजाना एक लाख रुपए तक की राशि जीत सकते हैं।

गूगल ने केवल पेटीएम पेमेंट ऐप को प्ले स्टोर से हटाया है। पेटीएम के अन्य ऐप अभी भी प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। इसमें पेटीएम मॉल, पेटीएम फॉर बिजनेस, पेटीएम मनी, पेटीएम इनस्टोर ऑर्डर्स, पेटीएम इनसाइडर और पेटीएम स्टोर मैनेजर शामिल हैं।

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