महाभारत की कथा

[Story-22] पांडवों का स्वर्गगमन | महाभारत कथा | Pandav Story in Hindi |

[Story-22] पांडवों का स्वर्गगमन | महाभारत कथा | Pandav Story in Hindi |       Pandav Story in Hindi:- श्रीकृष्णचन्द्र से मिलने के लिये तथा भविष्य का कार्यक्रम निश्चित करने के लिये अर्जुन द्वारिकापुरी गये थे। जब उन्हें गये कई महीने व्यतीत हो गये तब एक दिन धर्मराज युधिष्ठिर को विशेष चिन्ता हुई। वे …

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[Story-21] यदुकुल का संहार | Story of Mahabharat |

[Story-21] यदुकुल का संहार | Story of Mahabharat |       Story of Mahabharat:- जब १८-दिन का युद्ध समाप्त हो जाता है, तो श्रीकृष्ण, अर्जुन को उसके रथ से नीचे उतर जाने के लिए कहते हैं। जब अर्जुन उतर जाता है तो वे उसे कुछ दूरी पर ले जाते हैं। तब वे हनुमानजी को रथ …

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[Story-20] महाभारत युद्ध की समाप्ति | Mahabharat Yudh |

[Story-20] महाभारत युद्ध की समाप्ति | Mahabharat Yudh |       Mahabharat Yudh:- दुर्योधन की प्राय सारी सेना युद्ध में मारी गयी थी। अन्ततोगत्वा उसका भीमसेन के साथ युद्ध हुआ। उसने पाण्डव-पक्ष के पैदल आदि बहुत-से सैनिकों का वध करके भीमसेन पर धावा किया। उस समय गदा से प्रहार करते हुए दुर्योधन के अन्य …

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[Story-19] कर्ण और दुर्योधन का वध | Karna Vadh and Duryodhan Vadh |

[Story-19] कर्ण और दुर्योधन का वध | Karna Vadh and Duryodhan Vadh |       Karna Vadh and Duryodhan Vadh Mahabharat:- द्रोण बड़े ही दुर्धर्ष थे। वे सम्पूर्ण क्षत्रियों का विनाश करके पाँच वें दिन मारे गये। दुर्योधन पुन शोक से आतुर हो उठा। उस समय कर्ण उसकी सेना का कर्णधार हुआ। पाण्डव-सेना का …

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[Story-18] भीष्मद्रोण का वध | Mahabharat bhishma pitamah vadh |

[Story-18] भीष्मद्रोण का वध | Mahabharat bhishma pitamah vadh |       Mahabharat bhishma pitamah vadh:- बाणो की शय्या पर लेटे भीष्म दसवें दिन अर्जुन ने वीरवर भीष्म पर बाणों की बड़ी भारी वृष्टि की। इधर द्रुपद की प्रेरणा से शिखण्डी ने भी पानी बरसाने वाले मेघ की भाँति भीष्म पर बाणों की झड़ी लगा …

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[Story-17] शांति दूत श्रीकृष्ण | Krishna in Mahabharat |

[Story-17] शांति दूत श्रीकृष्ण | Krishna in Mahabharat |       Krishna in Mahabharat:- धर्मराज युधिष्ठिर सात अक्षौहिणी सेना के स्वामी होकर कौरवों के साथ युद्ध करने को तैयार हुए। पहले भगवान् श्रीकृष्ण परम क्रोधी दुर्योधन के पास दूत बनकर गये। उन्होंने ग्यारह अक्षौहिणी सेना के स्वामी राजा दुर्योधन से कहा- ‘राजन् तुम युधिष्ठिर …

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[Story-16] पाण्डवों का राज्य | महाभारत कथा | Story of Pandavas |

[Story-16] पाण्डवों का राज्य | महाभारत कथा | Story of Pandavas |       Story of Pandavas:- पाण्डवों का राज्य लौटाने का आग्रह और दोनो पक्षो की कृष्ण से सहायता की माँग राजा सुशर्मा तथा कौरवों को रणभूमि से भगा देने के बाद पाण्डवों ने स्वयं को सार्वजनिक रूप से प्रकट कर दिया। उनका …

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[Story-15] कीचक का वध | keechak vadh |

[Story-15] कीचक का वध | keechak vadh |       keechak vadh:- पाण्डवों को मत्स्य नरेश विराट की राजधानी में निवास करते हुये दस माह व्यतीत हो गये। सहसा एक दिन राजा विराट का साला कीचक अपनी बहन सुदेष्णा से भेंट करने आया। जब उसकी दष्टि सैरन्ध्री (द्रौपदी) पर पड़ी तो वह काम-पीड़ित हो …

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[Story-14] दुर्योधन की रक्षा | duryodhana story in hindi |

[Story-14] दुर्योधन की रक्षा | duryodhana story in hindi |       Duryodhana story in hindi:- गन्धमादन पर्वत स्थित कुबेर के महल में चार वर्ष व्यतीत करने के पश्चात् पाण्डवगण ने वहाँ से प्रस्थान किया और मार्ग में अनेक वनों में रुकते-रुकाते, स्थान-स्थान पर अपने शौर्य और पराक्रम से दुष्टों का दमन करते, ऋषियों …

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[Story-13] जयद्रथ की दुर्गति | Jayadrath vadh Mahabharat |

[Story-13] जयद्रथ की दुर्गति | Jayadrath vadh Mahabharat |       Jayadrath vadh Mahabharat:- एक बार पाँचों पाण्डव आवश्यक कार्यवश बाहर गये हुये थे। आश्रम में केवल द्रौपदी, उसकी एक दासी और पुरोहित धौम्य ही थे। उसी समय सिन्धु देश का राजा जयद्रथ, जो विवाह की इच्छा से शाल्व देश जा रहा था, उधर से …

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